एक कहावत है कटे चाहे किसी की सीखे बेटा नाई का । जब नाई अपने बेटे को ट्रेनिंग देता है तो उसका बेटा कई लोगों के बाल उल्टे सीधे काट देता है । अब जिसके बाल उल्टे सीधे कटे वो बेचारा जैसे तैसे बाल बढ़ने का इंतजार करता है और कई फ़ंक्शन में जाने से गुरेज़ करता है और नाई का बेटा कई लोगों की पार्टी खराब करके आराम से अपनी ट्रेनिंग पूरी करता है । ये कहावत सभी पर लागू होती है । फ़्रेशर ट्रेनी कम्पनी का लाखों का नुक़सान करते हैं फिर काम सीखकर मोटी सेलरी में दूसरी कम्पनी का रुख़ करते हैं । इसलिए जब भी कोई काम का मौक़ा मिले पूरी तल्लीनता से काम पर फ़ोकस करके काम सीखना चाहिए । शुरुआती दौर लर्निंग का होता है इसलिए एसी जगह काम करना चाहिए जहाँ ज़्यादा से ज़्यादा सीखा जा सके और जब अर्निंग का दौर आए तो मार्केट वैल्यू अच्छी रहे ।