संघे शक्ति सर्वदा

लफड़दास की दिनचर्या कड़े अनुशासन की मिसाल है । उनके सुबह जागने, नित्यकर्म से निव्रत होने, अख़बार पढ़ने, चाय नाश्ता करने, दुकान खोलने आदि सब कुछ एक नियमित समय सारणी के अधीन है । लफड़दास के शराब पीने का सलीका भी अलहदा है । लफड़दास कभी दो पेग से ज़्यादा नहीं पीते । लफड़दास जीवन में संतुलन को बड़ा महत्व देते हैं । लफड़दास नाम के ही लफड़दास हैं । उन्होंने अपने पूरे जीवन में एक भी लफड़ा नहीं किया और बहुत ही सुलझा हुआ जीवन जिया । लफड़दास का बड़ी दृढ़ता से मानना है कि एकता में बल होता है । वही परिवार तरक़्क़ी कर सकता है जिसमें एकता हो। वही समाज आगे बढ़ सकता है जिसमें एक दूसरे को आगे बढ़ाने की भावना हो ।

ज़मीन का रोड़ा

चमनलाल को टेलीविज़न पर डब्लू डब्लू एफ मुक़ाबला देखने का बड़ा चस्का है । चमनलाल खुद को अंडरटेकर से कम नहीं समझता है जबकि हक़ीक़त में अगर कोई चमनलाल को ठीक से एक थप्पड़ भी जड़ दे तो चमनलाल को ग्लूकोज़ चढ़ाए बिना होश नहीं आएगा ।

एक दिन चमनलाल जॉन सीना और ब्रॉक लस्नर का मुक़ाबला देख रहा था । तभी चमन की दादी वहाँ आई और मुक़ाबला देख कर बोली क्या हुआ ये लड़ क्यों रहे हैं कुछ ज़मीन का रोड़ा है क्या ?

दादी ने लोगों को ज़मीन के लिए लड़ते देखा था । ज़मीन के मामले में एसे मुक़ाबले लाइव देखे जा सकते हैं ।

गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा है – जहाँ सुमति तहँ सम्पत्ति नाना, जहाँ कुमति तहँ विपत्ति निधाना। लेकिन ज़मीन के लिए लड़ने वाले तुलसीदास जी से इत्तेफाक नहीं रखते ।

Inspection of premises

Honourable Jammu and Kashmir and Ladakh High Court held that the CGST Rule 25, make it very clear that an officer can only physically verify a property when a registered person is present. Furthermore, there is no mention in the statute of the registered person or its staff having to be present at the location of business at all times. Because of this, registration cannot be revoked on the grounds that the assessee was absent from the registered place of business when the officer conducted a routine visit.

निंदा रस

खड़क दा बड़े मज़ाक़िया क़िस्म के इंसान हैं । जो बात साधारण से दिखने वाले खड़क दा को असाधारण बनाती है वो है जिह्वा पर उनका अकल्पनीय नियंत्रण । किसी ने खड़क दा को कभी किसी की बुराई करते नहीं सुना होगा । निंदा रस से एसा परहेज़ मैंने केवल किताबों में पढ़ा है कभी हक़ीक़त में देखा नहीं सिवाय खडक दा के । कबीरदास जी के दोहे ( बुरा जो देखन मैं चला ) को खड़क दा ने आत्मसात् कर लिया । उनकी वाणी से अपनापन झलकता है ओज टपकता है सकारात्मकता का एसा आभामंडल उनके चेहरे पर दिखता है वो बड़े बड़े सिद्ध पुरुषों में भी बड़ा दुर्लभ है । खड़क दा की सादगी वाक़ई अनुकरणीय है ।

सुखार्थिनः कुतो विद्या

सुखार्थिनः कुतो विद्या विद्यार्थिनः कुतः सुखम् ।

सुखार्थी वा त्यजेत्विद्यां विद्यार्थी वा त्यजेत् सुखम् ।

सुख चाहने वाले से विद्या दूर रहती है और विद्या चाहने वाले से सुख। इसलिए जिसे सुख चाहिए, वह विद्या को छोड़ दे और जिसे विद्या चाहिए, वह सुख को।

आजकल अधिकतर बच्चे मोबाइल में रील देखने में व्यस्त रहते हैं । ये रील देखने से रियल लाइफ़ का तबाह हो जाना निश्चित है । ये क्षणिक सुख , ये पल दो पल का मज़ा पूरी ज़िंदगी को बुरी तरह प्रभावित करेगा । ( खता लम्हों में होती है, सजा सदियों को मिलती है ) । बच्चों को रील से सख़्त परहेज़ करना चाहिए, रील व्रत बच्चों को संयमी और अनुशासित बनाएगा और निश्चित रूप से जीवन के लिए उपजाऊ भूमि तैयार करेगा जिससे बच्चा अपनी क्षमतानुसार उन्नति के पथ पर अग्रसर होगा । रील खरपतवार है इसे उगने का मौक़ा दिया तो ये आपकी सारी संभावनाओं को लील जाएगी ।

मत देखो रील

आज कंपीटिशन ने राह में गाढ़ दी कील

होनहार मेहनत कर रहे, गधे देख रहे रील

वक़्त ज़ाया किया सजा हो जाएगी तामील

ना गवाह काम आए ना बचा पाएगा वकील

और धरी रह जाएगी सारी की सारी दलील

वक़्त की आँधी सपनों को जाएगी लील

वक़्त बहुत क़ीमती है इसे मत करो जलील

वक़्त रहते तौबा कर लो, मत देखो तुम रील

Limitation period for filing appeal

Honorable Delhi High Court held that according to Section Section 12(2) of the Limitation Act,1963, for the purpose of calculation of limitation period for filing appeal under GST law, the date on which the judgment has been pronounced should be excluded.

 (Pramod Kumar Tomar (Prop. M/s. Paramount Steel) Vs Assistant Commissioner)

Madras High Court Stays INR 80 Crore GST Demand on Hyundai Seconded Employees Salary

Interim stay has been granted by honourable Madras High Court to Hyundai Motor India Limited against the demand raised in the impugned Order, in relation to salaries paid to seconded employees. The GST authorities said that in the secondment arrangement, the company is deemed as the recipient of the service, and the services provided by the expatriate will be considered as a “supply of manpower” under GST laws.
In May, 2022 Honourable Supreme court in a historic judgement imposed service tax liability on Northern Operating Services Pvt Ltd on salary of seconded employees .The GST authorities started issuing orders to other companies demanding GST on seconded employees. However, GST liability will be decided case to case basis and all facts will be considered.